बहुत दिनों से चाहत रहे भोजपुरी के ब्लॉग सुरु करे के। आज अकाउंट बना के लिखे बैठनी ता जैसे दिमागे सठिया गइल बा। पिछला आधा घंटा से सोचत सोचत मन में आइल चल जवना स्थिति में बानी उहे लिख दिहल जाव।
लिखे खातिर ता बहुत कुछ बा , लेकिन पहिला ब्लॉग हवे येमे का लिखल जाव वोकर के चुनल बड़ा कठिन काम बा. देश के स्थिति पर लिखल जाव की समाज के बिगरत स्थिति पर। सैनिकन के सहादत के सलाम और उनकर वीरता के गुनगान कइल जाव की उनसबन के बन्हिया सहूलियत ना देला खातिर सरकार के मजमत कइल जाव। भोजपुरी गाना के चलते होखत दुनिया के सबसे मीठ भासा के होखत बदनामी पर लिखल जाव की बिहार में बेरोजगारी और गरीबी पर। मजदूरी खातिर बाहर देसन में जात भईलोगन के बदहाली पर लिखल जाव की बिहार में रोजगार खातिर कउनो काम न कैला खातिर सर्कार के क्लास लेहल जाव। छोड़ी अब ईसब में ना परल जाइ कुछ बात का लेहल जाव अपने बारे मे।
लेकिन वो सब से पाहिले देश के वीर जवानन के सहादत के नमन। खतरा एघरी खाली सीमा पार के दुसमन्वन से नइखे देश के भीतरघाती ओकरा ले बेसी खतरनाक बरन सन। वोकनिये से हमनी के भारती माई के रक्षा करत करत हमनी CRPF के भाई लोग सहीद होगईल। भगवान उनसबनी के आत्मा के शांति देस। उनलोगन के बाल बच्चा के पढ़ाई के खरचा उठाये खातिर "गौतम गंभीर" के हरिदय से धन्यवाद देत बानी।
अब बात तानी बात भोजपुरी भाषा के बारे मे क लेहल जाव। लेकिन बात वो लोगन खातिर ज्यादा रही जे नइखन जानत भोजपुरी के बारे मे। जे लोग सोचेला भोजपुरी बिहारे मे खाली बोलल जाला , जान ला लोग बहुते गलत फहमी में जियत बार लोग अउरी जे सोचेला बिहार मे खाली भोजपुरिये बोलल जाला वोकरो स्थिति कवनो ठीक नइखे।
भोजपुरी बिहार के अलावा पुरवी उतर-परदेस, झारखण्ड, उत्तराखंड अउरी नेपाल मे बोलल जाला, एकरा अलावे भारत के दुसर राज्यन में भी रोजी रोटी के चकर में गइल लोगन अउरी भोजपुरिया सिनेमा के चलते लोग ठीक ठाक समझे लागल बा। सबसे बरका बात इबा की नेपाल अउरी फिजी मे ई देश के परमुख भासा मे सुमार बा।
एकरा अलावे "मॉरीसस , गुयाना , त्रिनिदाद अउरी टोबैगो , पाकिस्तान , जमैका अउरी ढेरी अफ्रीकन आ केरेबियन देसन मे बोलल जाला। माने कुल मिलाके भोजपुरी ऐगो अंतर्राष्ट्रीय भासा बा।
अउरी हा बात लिखे के ता ई लिखल जाला कईथी अउरी देवनागरी में (जवना में हिंदी लिखल जाला), खैर पहिलका बारी खातिर एतना बहुते बा।
अगिला बार रउवा लोगन के भोजपुरी के ईतिहास के बारे मे तानी बिस्तार से बताइब। जाते जाते ईगो बात की बिहार में भोजपुरी के अलावा मगही, मैथिली , अंगिका , बज्जिका, अवधी के साथै अउरियो बोली बोलल जाला। एगो भोजपुरिया कहावत बा
"कोस कोस पे पानी बदले आ दस कोस पे बानी"
उम्मीद बा बुझा गइल होइ न बुझाइल ता कउनो भोजपुरिया से पुछली आधा घंटा खुश होके बताई।


Ummid ba rauwa logan ke protsahna ke share aur comment jarur kari logan, auri kauno baat par likhe ke sujhaw hokhe kejriwal ke alawa ta uho batai login.
ReplyDeleteBahut badhiya ba bhaiya... Bhojpuri ta hamni ke Pehchan ba...bahut acha paryas ba...
ReplyDeleteBahute dhanyawad.. bhojpuri se paas awe ke baas ee ago prayas ba..
DeleteBahut badhiya ba bhiya ji lagal rahe k kam ba
ReplyDeletebaas lagle ba egila baar kuchh aur achha kare ke kosis karem..
DeleteMaharaj garda garda ho gayil.
ReplyDeleteLagal rahin, humni san k support raua sanhge banal rahi.
Dhanyawad bhai baas maan bhail kuchh naya kare ke ta suruwat kar dehni.. baas etwar ke kuchhu naya likhe ke kosis kari aadmi.
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